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एमिटी विश्वविद्यालय में मालदीव के संपादकों और पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ।


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एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश ने विश्व भर के पेशेवरों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा प्रायोजित भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ई – आईटीईसी) कार्यक्रम के साथ भागीदारी की है। इसी भागीदारी के अंर्तगत पत्रकारिता जगत की नवीनतम प्रवृत्तियों, अनुभवों की जानकारी प्रदान करने के लिए एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट और एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन द्वारा मालदीव के 20 संपादकों और पत्रकारों के लिए आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

22 से 29 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ समारोह में एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरपद्रेश की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला, मालदीव मीडिया कांउसिल के उपाध्यक्ष श्री मोहम्मद सैफीयू, एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट के निदेशक बिग्रेडियर (सेवानिवृत्त) आर के शर्मा और एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन के सलाहकार प्रो आर के डार्गन ने अपने विचार रखे।एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरपद्रेश की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत और मालदीव के मध्य पुराने संबंध है और कई क्षेत्रों विशेषकर शोध में सहयोग भी है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पत्रकारों की क्षमता को विकसित करने में सहायता करेगा। डा शुक्ला ने कहा कि कोविड 19 से मीडिया के परिदृश्य में नई चुनौतियों के साथ बदलाव आया है।

डिजिटल मीडिया मंचों के साथ नागरिक पत्रकारिता बढ़ी है और नई तकनीको ने नई प्रवृत्तियों को विकसित किया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंर्तगत सभी प्रतिभागियो को पत्रकारिता के नये रूपों का अन्वेषण करने, अनुभवी भारतीय सपांदको से सीखने और पत्रकारिकता के सर्वोत्तम अभ्यासों की जानकारी प्राप्त होगी। किसी भी देश का विकास बिना निष्पक्ष मीडिया के संभव नही है और तकनीकी के साथ मीडिया नैतिकता की जानकारी जरूरी है।मालदीव मीडिया कांउसिल के उपाध्यक्ष मोहम्मद सैफीयू ने कहा कि एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किये जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम और ज्ञान का उपयोग हम भविष्य में अपने कार्यो में करेगें और बहेतरीन परिणाम देगें। उन्होनें भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ई – आईटीईसी) और एमिटी विश्वविद्यालय को इस सहयोग के लिए धन्यवाद प्रदान किया। यह अत्यधिक प्रसन्नता का विषय है हम मालदीव से आये प्रथम बैच के सदस्य है।एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट के निदेशक बिग्रेडियर (सेवानिवृत्त) आर के शर्मा ने कहा कि भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ई – आईटीईसी) कार्यक्रम के साथ एमिटी विश्वविद्यालय की भागीदारी के अंर्तगत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें मालदीव से 20 सपांदक और पत्रकार हिस्सा ले रहे है। इस आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय मीडिया के अनुभवी पत्रकारों, विद्वानों और विशेषज्ञों द्वारा जानकारी प्रदान की जायेगी।एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन के सलाहकार प्रो आर के डार्गन ने जानकारी देते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंर्तगत पेशेवर कौशल विकसित करेगें, भारतीय मीडिया के अनुभव के माध्यम से जुड़ाव, सिद्धांतों को समझेगें और फेक न्यूज की बारीकियों को जानेगें। इसके अतिरिक्त समाचार को विकसित करने में सूचना प्रौद्योगिकी ज्ञान, डिजिटल तकनीक का उपयोग, डेटा बेस को उच्च गुणवत्ता पूर्ण बनाना, मल्टीमीडिया में काम की प्रकृति की समझ, मौखिक, ऑडियो, विडियो, ग्राफिक्स और एनिमेशन के स्तंभों की समझ, मीडिया नैतिकता और आचार संहिता की जानकारी भी प्रदान की जायेगी।इस अवसर पर एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट के श्री आशीष साहू, एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन की डा महक जोनजुआ, डा प्रिया सचदेवा भी उपस्थित थे।

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