फ़र्रुखाबाद, लंबे समय बाद लगे लॉकडाउन का जिले में व्यापक असर दिखा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में भी दुकानों के ताले नहीं खुले। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

बहुत जरूरी काम से ही लोग घरों से निकले। हालांकि, चुनाव ड्यूटी के कारण सड़कों पर पुलिस की संख्या काफी कम थी इसलिए बाइक और तिपहिया वाहनों को रोकने वाला कोई नहीं था। यह बात अलग रही कि पुलिसिया कार्रवाई की डर से अधिकतर लोगों ने घरों में ही रहना मुनासिब समझा।
छोटे से लेकर बड़े कारोबारियों ने लॉकडाउन का पालन किया और दुकानें नहीं खोलीं। यहां तक कि फल और सब्जी वालों ने भी दुकान लगाना उचित नहीं समझा, जबकि उनकी दुकानों को बंद से मुक्त किया गया था। सुबह के समय इक्का-दुक्का वाहन आते-जाते दिखे लेकिन दोपहर होने से पहले ही लोग घरों को लौट गए। पुलिस को बहुत सख्ती भी नहीं करनी पड़ी। हां, जहां पुलिस की नजर पड़ी वहां आटो या बाइक सवारों को रोककर आवागमन का कारण जरूर पूछा गया। माकूल जवाब मिलने के बाद पुलिस भी उन्हें छोड़ दे रही थी। सरकार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सप्ताह में एक दिन के लॉकडाउन का एलान किया है। छोटे से लेकर बड़े कारोबारियों ने लॉकडाउन का पालन किया और दुकानें नहीं खोलीं। यहां तक कि फल और सब्जी वालों ने भी दुकान लगाना उचित नहीं समझा, जबकि उनकी दुकानों को बंद से मुक्त किया गया था।



More Stories
नोएडा पुलिस की बड़ी कामयाबी ₹1 लाख का इनामी मास्टरमाइंड आदित्य आनंद गिरफ्तार।
पीएम मोदी 29 अप्रैल को करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण,प्रदेश की कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, योगी सरकार की मेगा परियोजना से बदलेगी यूपी की तस्वीर।
भक्ति की लहर ने नोएडा को झकझोरा: हज़ारों लोगों ने अनुभव की भक्तिमय कीर्तन की परिवर्तनकारी शक्ति।