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सर्वजीत हत्याकांड मैनपुरी पुलिस के हाथ लगी ये अहम कड़ी, गिरफ्तार आरोपितों ने कहा- दोस्त घिर्री ही उसे लेकर यहां पर आया था।


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फर्रुखाबाद, मैनपुरी जिले में भाजपा नेता पर जानलेवा हमले और उनके सुरक्षाकर्मी की हत्या के बाद घटना में आरोपित 25 हजार रुपये के इनामी सर्वजीत यादव की भी हत्या के उलझे मामले में नया मोड़ आ गया है। सर्वजीत के दोस्त राहुल उर्फ घिर्री यादव को पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया। घिर्री की गिरफ्तारी 3 दिन पहले मैनपुरी पुलिस के हत्थे चढ़े 2 आरोपितों के बयान पर हुई। दोनों के मुताबिक सर्वजीत को घिर्री ही लेकर आया था।
मैनपुरी पुलिस ने भाजपा नेता शिवम चौहान पर जानलेवा हमले और उनके सुरक्षाकर्मी (सिपाही) आगरा जिले के सिकंदरा निवासी हरवेंद्र सिंह की हत्या के आरोप में 1 लाख रुपये के इनामी आशु गौर उर्फ आशुतोष सिंह निवासी शृंगारनगर, मैनपुरी व 25 हजार रुपये के इनामी पीयूष मल्होत्रा उर्फ चिकना उर्फ बाबा निवासी खासरानाबाग, इटावा को तीन दिन पहले मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।
दोनों आरोपितों से सर्वजीत हत्याकांड संबंध में सुराग मिले। एसओजी व फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस ने फर्रुखाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला मसेनी निवासी राहुल उर्फ घिर्री को गुरुवार दोपहर गिरफ्तार किया। उसके पास से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किए। गुरुवार को गिरफ्तारी दिखाकर उसका चालान कर दिया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी जयप्रकाश पाल ने बताया कि सर्वजीत की हत्या, षड्यंत्र रचने में राहुल का चालान किया गया है।
न्यायालय में हाजिर होने को लेकर की गई थी सर्वजीत की हत्या : पुलिस के मुताबिक घिर्री ने बताया कि भाजपा नेता के सुरक्षाकर्मी की हत्या के बाद सर्वजीत उसके पास आया था। आशुतोष और पीयूष ने उससे कहा कि सर्वजीत न्यायालय में हाजिर होने की फिराक में है। अगर वह हाजिर हो गया तो वह फंसा देगा। आशुतोष और पीयूष ने उससे कहा कि सर्वजीत को लेकर वह आएगा तो उसे इनाम देंगे। इस लालच में वह दो दिसंबर की रात कन्नौज जिले के तिर्वा क्षेत्र के गाजीमऊ निवासी ममेरे भाई मोनू के पास से सर्वजीत को बाइक से नेकपुर ओवरब्रिज पर लेकर पहुंचा। वहां पर आशु और पीयूष ने गोली मारकर सर्वजीत की हत्या कर दी।
यह था मामला : मैनपुरी के भाजपा नेता के सुरक्षा कर्मी की हत्या के आरोप में राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव महमदपुर गढिय़ा निवासी सर्वजीत पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इस बीच तीन दिसंबर 2020 की सुबह सर्वजीत का शव फतेहगढ़ क्षेत्र के नेकपुर ओवरब्रिज पर मिला था।
गले नहीं उतर रहा गुडवर्क, आनन-फानन किया चालान : छोटे से छोटे मामलों में पुलिस अधिकारी पत्रकार वार्ता में घटना का राजफाश करते हैं, लेकिन सर्वजीत हत्याकांड में पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे रहे। एसओजी गुरुवार दोपहर राहुल उर्फ घिर्री को कोतवाली लाया और आनन-फानन उसकी गिरफ्तारी दिखाकर उसका चालान कर दिया गया। घिर्री से किसी को मिलने नहीं दिया गया। इससे गुडवर्क गले नहीं उतर रहा। हालांकि कोतवाली प्रभारी का दावा है कि घिर्री की घटनास्थल पर लोकेशन मिली थी।
पहले पकड़ा, फिर छोड़ दिया गया था घिर्री : सर्वजीत हत्याकांड के बाद एसओजी ने उसके दोस्त राहुल उर्फ घिर्री को पकड़ा था। उसे कई दिनों तक गोपनीय कार्यालय में रखा गया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया था। बताया गया था कि साक्ष्य न मिलने पर घिर्री को जाने दिया गया है।

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