राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश, गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में आगामी 09 दिसंबर को जनपद गौतमबुद्वनगर में मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
अपर जिला जज/ सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऋचा उपाध्याय ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विषेषतः आपराधिक शमनीय वाद, पारिवारिक मामलें, मोटरयान दुर्घटना अधिनियम के मामले, बिजली व पानी से संबधित मामले, धारा 138 एन.आई. एक्ट के वाद, भू-राजस्व वाद, सेवा सम्बन्धित मामले एवं प्री-लिटीगेषन मामलों के साथ-साथ सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारण योग्य अन्य विवाद, जिनमें पक्षकार पारस्परिक सद्भावना के अधीन सन्धि के लिए इच्छुक हो वह मामले राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किये जायेगे। लोक अदालत द्वारा जारी किए गए फैसले को दीवानी अदालत के डिक्री का दर्जा प्राप्त होता है। यह फैसले बाध्यकारी होते हैं और इनके खिलाफ अपील नही की जा सकती। लोक अदालत का कोई न्यायालय शुल्क नहीं है और यदि न्यायालय शुल्क का भुगतान पहले ही कर दिया गया है, तो लोक अदालत में विवाद का निपटारा होने पर राशि वापस कर दी जाती है।



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