गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के वास्तुकला एवं क्षेत्रीय योजना विभाग में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “ऊर्जा कुशल आवास – अवधारणाएँ और निर्माण तकनीकें” का सफल समापन हुआ। इसमें भारत और विदेशों से वास्तुकारों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और शिल्पकारों ने भाग लिया।

यह सम्मेलन विभागाध्यक्ष आर्किटेक्ट अनंत प्रताप सिंह और वास्तुकार माधुरी अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। उद्घाटन सत्र में डॉ. जी.वी. राव उपस्थित रहे तथा माननीय कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने विभाग की इस पहल की सराहना की। डॉ. कीर्ति पाल (डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग) और आर्किटेक्ट आकांक्षा निगम (AGM-YIEDA) भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उद्घाटन अवसर पर तनिषा सूरी ने शिव स्तुति पर भावपूर्ण कथक प्रस्तुति दी।

सम्मेलन में डॉ. के.के. धोते, प्रो. रितु गुलाटी, आर्किटेक्ट यतिन पंड्या, डॉ. फारहीन बानो, डॉ. विलोशिन गोविंदर (दक्षिण अफ्रीका) सहित कई विशेषज्ञों ने नेट जीरो भवन, कार्बन नकारात्मक सामग्री, स्थानीय निर्माण पद्धतियाँ और गांव विकास जैसे विषयों पर विचार साझा किए।
मुख्य आकर्षण रहा आर्किटेक्ट यतिन पंड्या का संवादात्मक सत्र, जिसमें उन्होंने छात्रों को 7×6 डिज़ाइन मैट्रिक्स के माध्यम से वास्तु डिज़ाइन की नई दृष्टि से अवगत कराया।
सम्मेलन में अडानी सीमेंट, मोटो टाइल्स, गैलेंट ऑर्बिट और एसीई जैसी कंपनियों की भागीदारी रही। साथ ही, गरिमा (बनारसी बुनकर) और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मधुबनी कलाकार श्रीमती अम्बिका देवी ने भारतीय शिल्पकला की अहमियत को उजागर किया।
सम्मेलन का समापन इस उम्मीद के साथ हुआ कि इस तरह का अंतरविषयक सहयोग ऊर्जा-कुशल और स्थायी आवास के लिए नवोन्मेषी समाधान प्रस्तुत करेगा।



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