फर्रुखाबाद डीएम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया। वकीलों का आरोप कि जिलाधिकारी मनमाने तरीके से वकीलों को फंसा रहे हैं। नियम विरुद्ध चकबंदी की पत्रावलियां मंगवाकर आदेश करते हैं। इस दौरान अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट व कचहरी परिसर में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। फर्रुखाबाद जिला बार एसोसिएशन के महासचिव संजीव पारिया की अगुवाई में 100 से अधिक अधिवक्ता जुलूस निकाल कर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। डीएम कक्ष के बाहर अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद वकील जुलूस की शक्ल में एडीएम, नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम के न्यायालय व कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया ।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मंडल के ही जिले में रहने वाले किसी भी अधिकारी की तैनाती नहीं की जा सकती है। जिलाधिकारी पर चकबंदी अधिनियम की पत्रावलियों में भी हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया। महासचिव संजीव पारिया ने बताया कि अधिवक्ता नदीम फारुकी, उर्मिला राजपूत, शुभम राय हनी, बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष खुशनवाज खां आदि अधिवक्ताओं के खिलाफ जानबूझ कर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक न्यायालयों का बहिष्कार कर 12 फरवरी तक न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान के .के. पांडेय, दीपक द्विवेदी, आनंद अग्निहोत्री, राजेंद्र यादव, सचेंद्र सिंह, अनूप शाक्य, के.के. श्रीवास्तव, राजीव, अरविद कुमार, यादव सिंह शाक्य, सौरभ मिश्रा, राजेश तिवारी, मोहित गुप्ता आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।



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