फतेहगढ़ फर्रुखाबाद : सब्जी उत्पादन में एक बार फिर फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वरिष्ठ अधीक्षक कारागार ने बताया कि जेल को प्रदेश स्तर पर आलू और काशीफल उत्पादन में प्रथम स्थान मिला है।
अपने लगभग दो हजार बंदियों के लिए पर्याप्त सब्जियों के उत्पादन के अलावा आस-पास की कई जेलों को आवश्यकतानुसार सब्जियां आपूर्ति करने वाली केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ का सब्जी उत्पादन में अग्रणी स्थान है। वरिष्ठ अधीक्षक प्रमोद शुक्ला ने बताया कि यहां पर लगभग तीन हजार क्विटल आलू का प्रतिवर्ष उत्पादन होता है। इसके अलावा काशीफल, बैंगन, फूल गोभी, टमाटर आदि की खेती की जाती है। उन्होंने बताया कि विगत माह लखनऊ में आयोजित प्रदर्शनी में केंद्रीय कारागार को आलू व काशीफल उत्पादन में प्रथम स्थान मिला है। वहीं बैंगन व फूल गोभी को द्वितीय व तृतीय पुरस्कार मिला है, जोकि सेंट्रल जेल के लिए गर्व की बात है।
सेंट्रल जेल में मशीन से बन रही तीन हजार रोटी प्रति घंटा
शासन की ओर से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में स्थापित मैकेनाइज्ड किचन की निरीक्षण को बुधवार को लखनऊ से आई टीम ने दौरा किया। वरिष्ठ अधीक्षक प्रमोद शुक्ला ने बताया कि अब जेल के किचन का पूरी तरह से मशीनीकरण हो गया है। जेल में ऑटोमेटिक रोटी मेकर की 3000 रोटी प्रति घंटा तैयार करने की क्षमता है। इसके अलावा सब्जियों को भाप से पकाने के लिए ब्वायलर के अलावा गैस की बड़ी भट्टियों को भी स्थापित किया गया है। इससे कैदियों को स्वच्छ और पौष्टिक खाना समय पर मिलने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि एक दिवसीय निरीक्षण पर आई टीम ने पाकशाला की कार्यपद्धति की प्रशंसा की है।



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