ग्रेटर नोएडा

शारदा विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ ‘नशा मुक्त युवा – राष्ट्रीय संकल्प समारोह’।

संवाददाता जे एस सिसोदिया

ग्रेटर नोएडा: शारदा विश्वविद्यालय के एनएसएस प्रकोष्ठ द्वारा ‘100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के अंतर्गत ‘नशा मुक्त युवा – राष्ट्रीय संकल्प समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा एक स्वस्थ, जिम्मेदार और नशा मुक्त समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना था।


कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशीली पदार्थों के सेवन से होने वाले व्यक्तिगत, सामाजिक एवं सामुदायिक दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, जिम्मेदार निर्णय लेने तथा नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।


प्रो-चांसलर श्री वाई. के. गुप्ता ने नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं में जागरूकता बढ़ाने, नशीले पदार्थों से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
डॉ. सुदीप, एसोसिएट डीन, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने नशे की रोकथाम और स्वस्थ आदतों को विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को अपने समय का रचनात्मक उपयोग करने तथा अपने साथियों के लिए सकारात्मक उदाहरण बनने के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम के सांस्कृतिक एवं जागरूकता सत्र में विद्यार्थियों द्वारा नशा मुक्ति विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों तथा उनके व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से नशे से दूर रहने और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
इसके अतिरिक्त, नशा मुक्ति विषय पर काव्य प्रस्तुति भी आयोजित की गई। कविता के माध्यम से विद्यार्थियों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति द्वारा नशे के दुष्परिणामों तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में डॉ. प्रमोद, डीन, स्टूडेंट वेलफेयर; डॉ. रचना बंसल, एसोसिएट डीन, स्टूडेंट वेलफेयर; डॉ. सुमन, एसोसिएट डीन, स्टूडेंट वेलफेयर; तथा डॉ. शांति, एसोसिएट डीन, स्टूडेंट वेलफेयर एवं एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक सहित विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, एनएसएस स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं शिक्षकों की सहभागिता ने युवा कल्याण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

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