शारदा यूनिवर्सिटी ने ग्लोबल इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ ‘कोड टू चिप’ वर्कशॉप के ज़रिए सेमीकंडक्टर स्किलिंग को आगे बढ़ाया।
संवाददाता जे एस सिसोदिया

ग्रेटर नोएडा शारदा यूनिवर्सिटी के ‘शारदा सेंटर फॉर सेमीकॉन टेक्नोलॉजी’ ने ‘सेमीकॉन गुरुकुल’ के साथ मिलकर, एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच सेमीकंडक्टर टैलेंट इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए दो दिन की प्रैक्टिकल वर्कशॉप *”कोड टू चिप – कम्प्लीट ASIC फ्लो”* का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस प्रोग्राम में हिस्सा लेने वालों को Cadence EDA टूल्स का इस्तेमाल करके RTL डेवलपमेंट, वेरिफिकेशन, सिंथेसिस, फिजिकल इम्प्लीमेंटेशन, टाइमिंग क्लोजर और साइन-ऑफ सहित पूरी ASIC डिज़ाइन प्रक्रिया का प्रैक्टिकल अनुभव मिला।

इस वर्कशॉप में *Qualcomm, Marvell Technology और NXP Semiconductors* के अनुभवी प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया और GPU सिस्टम मॉडलिंग, फ्रंट-एंड वेरिफिकेशन और बैक-एंड फिजिकल डिज़ाइन के बारे में असल दुनिया की जानकारी दी। उनके सेशन से स्टूडेंट्स, फैकल्टी और रिसर्चर्स को यह समझने में मदद मिली कि कैसे सेमीकंडक्टर कॉन्सेप्ट्स कोड से चिप-रेडी इम्प्लीमेंटेशन तक पहुँचते हैं, जिससे एकेडमिक लर्निंग और इंडस्ट्री वर्कफ़्लो के बीच की दूरी कम होती है।

यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार के *इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, श्री आलोक कुमार (IAS)* के विज़न के अनुरूप है, जो राज्य में सेमीकंडक्टर स्किल डेवलपमेंट को आगे बढ़ा रहे हैं। *’Invest UP’* प्लेटफॉर्म के ज़रिए, उत्तर प्रदेश ने सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, इन्वेस्टमेंट और टैलेंट स्किलिंग को अपने उभरते हुए इकोसिस्टम के मुख्य स्तंभों के रूप में स्थापित किया है।
इस मौके पर शारदा यूनिवर्सिटी के *प्रो-चांसलर डॉ. वाई.के. गुप्ता* ने कहा: “सेमीकंडक्टर क्रांति सिर्फ़ टेक्नोलॉजी के बारे में नहीं है—यह अगली पीढ़ी को ऐसे सॉल्यूशन बनाने, डिज़ाइन करने और इनोवेट करने के लिए सशक्त बनाने के बारे में है जो भविष्य को आकार देंगे। शारदा यूनिवर्सिटी में, हम ऐसे टैलेंट को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में सार्थक योगदान दे सकें। ‘कोड टू चिप’ वर्कशॉप हमारी उस सोच को दिखाती है जिसमें हम एकेडमिक एक्सीलेंस और इंडस्ट्री सहयोग को मिलाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाते हैं।”
यह वर्कशॉप शारदा यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की डीन डॉ पल्ल्वी गुप्ता और *प्रो. (डॉ.) रुकैया खानम* की देखरेख में आयोजित की गई।
MeitY के ‘चिप टू स्टार्टअप’ (C2S) प्रोग्राम के तहत EDA संसाधनों तक पहुँच, इंडस्ट्री के साथ लगातार सहयोग और रिसर्च से जुड़ी गतिविधियों के ज़रिए, शारदा यूनिवर्सिटी सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में कुशल लोगों की एक मज़बूत पाइपलाइन तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
“कोड टू चिप” वर्कशॉप का सफल आयोजन भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मज़बूत करने और उत्तर प्रदेश को इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट के हब के तौर पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम है।




