अवैध मिट्टी खनन की शिकायत लेकर डीसीपी ग्रेटर नोएडा से मिले मकनपुर बांगर व आसपास के ग्रामीण।
संवाददाता: जे एस सिसोदिया

ग्रेटर नोएडा। थाना दनकौर क्षेत्र के ग्राम रामपुर खादर में यमुना नदी क्षेत्र से कथित अवैध मिट्टी खनन के मामले को लेकर आज ग्राम मकनपुर बांगर एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने डीसीपी ग्रेटर नोएडा से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने इस संबंध में लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों के अनुसार, रामपुर खादर में पिछले कई दिनों से बड़े पैमाने पर कथित अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। इस कार्य में कई जेसीबी मशीनों और दर्जनों डंपरों का इस्तेमाल होने से गांव के रास्ते क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के दौरान एक विद्युत खंभा भी टूट गया था, जिसके कारण ग्रामीणों को लगभग दो दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि खनन में लगे कई डंपरों पर नंबर प्लेट नहीं लगी हुई हैं। ये वाहन देर शाम से सुबह तक तेज गति से सड़कों पर दौड़ते हैं, जिससे ग्रामीणों, विशेषकर सड़क पर आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों ने मामले में संबंधित पुलिस चौकी के कर्मचारियों की कथित भूमिका और मिलीभगत के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा को सौंपे गए शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने मौके का निरीक्षण कराने, खनन में प्रयुक्त जेसीबी एवं डंपरों की जांच करने, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने, खनन की वैधता की जांच कराने तथा क्षतिग्रस्त रास्तों और बिजली के खंभे के मामले में जिम्मेदारी निर्धारित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर कथित अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बिना किसी दबाव या भय के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि क्षेत्र में कथित अवैध खनन पर रोक लगाने, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच एवं कानूनसम्मत कार्रवाई की है।
उक्त मामले में पुलिस उपायुक्त द्वारा खनन विभाग को सम्मिलित करते हुए कार्यवाही का आश्वासन दिया है।




