ग्रेटर नोएडा

शारदा स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज ने 18वें ओरिएंटेशन कार्यक्रम एवं व्हाइट कोट समारोह के माध्यम से नवागत चिकित्सा विद्यार्थियों का किया स्वागत।

संवाददाता जे एस सिसोदिया

ग्रेटर नोएडा, अक्टूबर 2026: शारदा यूनिवर्सिटी के शारदा स्कूल ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च (SSMSR) ने MBBS बैच 2026 के नए छात्रों के स्वागत के लिए गर्व के साथ अपना 18वां ओरिएंटेशन प्रोग्राम और व्हाइट कोट सेरेमनी आयोजित की। यह समारोह विश्वविद्यालय के चिकित्सा समुदाय में नए विद्यार्थियों का स्वागत करने और उनके चिकित्सा शिक्षा के सफर की शुरुआत का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों की उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने तथा संवेदनशीलता और करुणा के साथ रोगियों की सेवा करने की दिशा में उनकी यात्रा का शुभारंभ किया। संस्थान कड़ी पढ़ाई, क्लिनिकल अनुभव और मूल्यों पर आधारित ट्रेनिंग के ज़रिए भविष्य के हेल्थकेयर लीडर्स को तैयार कर रहा है।

पिछले कुछ सालों में, SSMSR मेडिकल लर्निंग के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरा है और ऐसे काबिल डॉक्टर तैयार किए हैं जो भारत और विदेशों में सेवा दे रहे हैं। हर नए बैच के साथ, शारदा यूनिवर्सिटी ने अपने टीचिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत किया है, अस्पताल की सुविधाओं का विस्तार किया है और प्रमुख मेडिकल संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाया है। 18वें बैच का आना इस तरक्की और प्रभाव की यात्रा का सबूत है।

इस समारोह में कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें मुख्य अतिथि डॉ. हिमानी अहलूवालिया (डायरेक्टर, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पताल, नई दिल्ली) और सम्मानित अतिथि डॉ. शांतनु अग्रहरी (IAS, CEO, फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ़ इंडिया, भारत सरकार, नई दिल्ली) और डॉ. अनुभव गुप्ता (डायरेक्टर प्रोफेसर और हेड, कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी विभाग, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली) शामिल थे।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. हिमानी अहलूवालिया ने कहा: “व्हाइट कोट सिर्फ़ एक कपड़ा नहीं है—यह पवित्रता, ज़िम्मेदारी और मरीज़ों की देखभाल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह व्हाइट कोट सेरेमनी मेडिकल छात्र के जीवन का एक अहम पल है। जब आप इस नेक पेशे में कदम रख रहे हैं, तो याद रखें कि चिकित्सा सिर्फ़ विज्ञान के बारे में नहीं है, बल्कि यह करुणा, नैतिकता और मानवता की सेवा के बारे में है। जैसे ही शारदा यूनिवर्सिटी अपने 18वें बैच का स्वागत कर रही है, मुझे पूरा भरोसा है कि ये छात्र करुणा और ईमानदारी के उन मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे जो मेडिकल पेशे की पहचान हैं।”

शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर श्री पी.के. गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा, शारदा स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज का 18वां ओरिएंटेशन कार्यक्रम एवं व्हाइट कोट समारोह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि समर्पण, करुणा और जिम्मेदारी का सशक्त प्रतीक है। जब आप पहली बार यह सफेद कोट धारण करते हैं, तो आपको याद रखना चाहिए कि आप ऐसे पेशे में प्रवेश कर रहे हैं, जहाँ केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और मानवता की सेवा के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता भी आवश्यक है। शारदा विश्वविद्यालय को गर्व है कि वह भविष्य के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को दिशा देने के साथ-साथ ऐसे कुशल पेशेवरों और संवेदनशील नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण कर रहा है, जो दुनिया में सार्थक बदलाव लाएंगे।” उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय राष्ट्र निर्माण की नींव होते हैं।”

यह कार्यक्रम डॉक्टर बनने की चाह रखने वालों की एकेडमिक यात्रा में एक अहम पड़ाव था। इसमें उन्हें कैंपस की सुविधाओं, फैकल्टी सदस्यों और पढ़ाने-सीखने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया, साथ ही मेडिकल प्रोफेशन के मूल्यों और ज़िम्मेदारियों के प्रति जागरूक भी किया गया। समारोह का समापन शपथ ग्रहण सत्र के साथ हुआ, जिसने नए बैच को मेडिकल प्रोफेशन की गरिमा बनाए रखने और अपनी यात्रा को लगन, संवेदना और जीवन भर सीखते रहने की भावना के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम में प्रो चांसलर वाई. के. गुप्ता,कुलपति डॉ. सिबाराम खारा, डॉ राजीव गुप्ता एडमिशन डायरेक्टर,डॉ. निरुपमा गुप्ता, डीन एवं प्रोफेसर; डॉ. राम मूर्ति शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट; सुश्री सुप्रिया गुप्ता, डॉ. अंकिता कक्कड़, डॉ. अदिति, डॉ. किरणमयी, डॉ. अमित पवइया, एसोसिएट डीन, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. स्वप्निल चौधरी,सहित अन्य संकाय सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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