दिल्ली एनसीआर

केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की,डॉ.मुरली मनोहर जोशी ने प्रतिभा को पहचानने और समान अवसर देने पर दिया जोर।

नोएडा,18 जुलाई 2026। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने शनिवार को फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन के दूसरे स्थापना दिवस समारोह में दिव्यांगजनों को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल, ट्राइसाइकिल एवं व्हीलचेयर वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं तथा समाज का दायित्व है कि उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

सेक्टर-122 स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित समारोह में प्रख्यात शिक्षाविद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी, प्रेरक वक्ता सागर सिन्हा, फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. महिपाल सिंह, फाउंडेशन की निदेशक एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, फाउंडेशन की सीईओ डॉ. सुष्मिता भाटी सहित कृष्णा यादव, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. सुधांशु सरकार,  दीपक व चिकित्सक, शिक्षाविद, समाजसेवी, अभिभावक, स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा एवं अन्य अतिथियों ने जरूरतमंद दिव्यांगजनों को लगभग 40 सहायक उपकरण वितरित किए, जिनमें 10 इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल, 10 सामान्य ट्राइसाइकिल तथा 20 व्हीलचेयर शामिल थीं। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई स्किल डेवलपमेंट प्रदर्शनी रही, जिसमें हस्तशिल्प, रेजिन आर्ट और अन्य नवाचारों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, कविता और नाटक की आकर्षक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। ‘एक सम्मान मां के नाम’ पहल के तहत माताओं के समर्पण और योगदान को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को ‘अवार्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। साथ ही ‘सेरेब्रल पाल्सी’ विषय पर प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण किया गया।

मुख्य अतिथि बी.एल. वर्मा ने कहा, “मैं पिछले छह महीनों से डॉ. महिपाल सिंह और उनकी टीम के कार्यों को देख रहा हूं। यह केवल समाज सेवा नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। सरकारी नौकरियों में आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत तथा उच्च शिक्षा में 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है। आज सहायक उपकरणों का वितरण दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।”

प्रख्यात शिक्षाविद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द देकर इन बच्चों की क्षमता, सम्मान और आत्मविश्वास को नई पहचान दी थी। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि शारीरिक सीमाएं किसी व्यक्ति की प्रतिभा को सीमित नहीं कर सकतीं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं। हमें दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें शिक्षा, कौशल और समान अवसर उपलब्ध कराने होंगे, ताकि वे अपनी क्षमताओं के बल पर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।”

इस अवसर पर डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने फाउंडेशन के प्रतिभाशाली बच्चों द्वारा तैयार की गई वार्षिक पत्रिका ‘होराइजन’ का विमोचन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा विकसित सेंसरी इंटीग्रेशन इक्विपमेंट्स का बारीकी से अवलोकन करते हुए उनकी सराहना की और कहा कि इस प्रकार के नवाचार दिव्यांग बच्चों के मानसिक, शारीरिक और व्यवहारिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों, मिट्टी से बने कुल्हड़, गिलास, मटके तथा आधुनिक रेजिन आर्ट से तैयार आकर्षक कलाकृतियों और खिलौनों का भी अवलोकन किया तथा बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

प्रेरक वक्ता सागर सिन्हा ने कहा, “हर व्यक्ति के भीतर असीम संभावनाएं होती हैं। सफलता उसी को मिलती है जो स्वयं पर विश्वास करता है। आज इन बच्चों ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से यह साबित कर दिया है कि अवसर मिलने पर वे किसी से कम नहीं हैं।”

फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. महिपाल सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य दिव्यांग बच्चों और युवाओं को केवल उपचार नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के माध्यम से सम्मानजनक जीवन देना है। सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर हर बच्चा अपनी अलग पहचान बना सकता है।”

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन ने शिक्षा, पुनर्वास, कौशल विकास और दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए अपने प्रयासों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

Related Articles

Back to top button