ग्रेटर नोएडा।यमुना प्राधिकरण के बोर्ड ने मंगलवार को एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) पर मुहर लगा दी। इससे प्राधिकरण के करीब 32 हजार बकायेदार आवंटियों को राहत मिलेगी। इन बकायेदारों जुर्माना व ब्याज (ब्याज पर ब्याज) माफ किया जाएगा। उनसे प्रीमियम धनराशि पर साधारण ब्याज लिया जाएगा। इसको पहली अक्तूबर से लागू किया जाएगा।
यमुना प्राधिकरण की 71वीं बोर्ड बैठक मंगलवार को चेयरमैन अरविंद कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 20 से अधिक प्रस्ताव पास किए गए। यीडा के बोर्ड ने एकमुश्त समाधान योजना पर मुहर लगा दी। शासन की गाइड लाइन के अनुसार इस योजना का लाभ दिया जाएगा। प्राधिकरण बोर्ड ने जो फैसला लिया है, उसके मुताबिक डेवलपपर, बिल्डर्स, ग्रुप हाउसिंग व टाउनशिप को अलग रखा गया है।इस योजना का लाभ आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक, मिश्रित भूखंड और सात प्रतिशत आबादी भूखंड के आवंटियों को मिलेगा। इसमें जुर्माना और दंड ब्याज की छूट मिलेगी। ओटीएस आवेदन की सुविधा केवल ऑनलाइन ही होगी। इसकी अंतिम तिथि 30 नवंबर है। यानी यह सुविधा एक माह के लिए रहेगी।इस योजना का लाभ लेने के लिए बकायेदारों को पूरा पैसा जमा करना होगा, तभी जुर्माना व दंड ब्याज से छूट मिलेगी। प्राधिकरण आवंटन के समय किश्त निर्धारण पर लागू ब्याज दर वसूल करेगा। अगर प्राधिकरण ने बीच में ब्याज दर में बदलाव किया होगा तो उसे वसूल करेगा। 50 लाख तक के बकायेदार आवंटी को कुल धनराशि का एक तिहाई पैसा मांग पत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर में जमा करना होगा। बचा हुआ पैसा तीन मासिक किस्तों में जमा करना होगा। इसी तरह 50 लाख से अधिक के बकायेदारों को कुल धनराशि का एक तिहाई पैसा मांग पत्र जारी होने के 30 दिन के भीतर जमा करना होगा। बचा हुआ पैसा तीन द्वि मासिक किस्तों में जमा करना होगा।
22 आवंटियों को दिया अंतिम मौका
यमुना प्राधिकरण की यमुनोत्री आवास योजना के 22 आवंटी समय सीमा के भीतर रिक्त भवनों की योजना में शिफ्ट करने के लिए आवेदन नहीं किया है। अब उनको अंतिम अवसर दिया जा रहा है। ये आवंटी 31 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं। ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके।
स्वामित्व योजना से होगा आबादी का सर्वेयमुना प्राधिकरण ने अपने अधीन गांवों की आबादी का सर्वेक्षण करने के लिए स्वामित्व योजना लागू करने का फैसला लिया है। इस योजना के कई लाभ मिलेंगे। ग्राम की आबादी का कोई स्वामित्व नहीं रहता है, जिससे आबादी भूमि पर बड़े विवाद आते हैं। इससे ग्राम की एकता और समरसता प्रभावित होती है। आबादी निर्धारण होने के बाद किसी भी सरकारी योजना का लागू किया जा सकता है। इससे संपत्ति का मूल्यांकन निश्चित हो जाएगा। इससे आसानी से ऋण लिया जा सकेगा।
बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने साझा की। बैठक में एसीईओ मोनिका रानी, रविंद्र सिंह, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया, सदानंद गुप्ता, जीएम परियोजना केके सिंह समेत प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य मौजूद रहे।



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